क्या है?
एक अविरल संघर्ष
या फिर एक अबूझ पहेली?
सवालों से घिरा हुआ हूँ मैं,
कोई इन प्रश्नों का उत्तर नहीं दे रहा है |
मन में सोचता हूँ,
अगर ज़िन्दगी संघर्ष है,
तो किसके साथ है ये संघर्ष ?
इस संघर्ष का आखिर कोई परिणाम तो होगा?
जीत किसकी होती है?
क्या मृत्यु को इस संघर्ष में वीरगति माना जाए !!!
या फिर उसे एक हार की भांति स्वीकार किया जाये?
फिर सोचता हूँ,
ज़िन्दगी गर एक पहेली है तो,
इसका कोई तो हल होगा |
जटिलताएं होंगी बहुत ही ज्यादा,
पर कभी तो ये सरल होगा,
अंततः
एक विचार मन में कौंधा |
ज़िन्दगी तो एक वरदान है,
सेवा और समर्पण जिसने किया,
मरने पर उसी का सम्मान है |
और यही,
इस ज़िन्दगी का सबसे बड़ा इनाम है |
"भारत माता की जय | जय हिन्द | वन्दे मातरम |"