“प्रेम का नव अंकुर फूटे,उर्जा-उमंग नव परवान चढ़े|
पुष्पों सी महके ज़िन्दगी आपकी,आसमान छूने नित कदम बढे|
दुखदायी बने जो पल,उन्हें भुलायें|
मधुर स्मृतियों से,आइये नव वर्ष को गले लगायें|”
इक्कीसवी सदी के इस “तरुण वर्ष” 2016 की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं|
“स्वच्छ रहिये,स्वस्थ रहिये”
“भारत माता की जय|जय हिन्द|वन्दे मातरम्|”
पुष्पों सी महके ज़िन्दगी आपकी,आसमान छूने नित कदम बढे|
दुखदायी बने जो पल,उन्हें भुलायें|
मधुर स्मृतियों से,आइये नव वर्ष को गले लगायें|”
इक्कीसवी सदी के इस “तरुण वर्ष” 2016 की सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं|
“स्वच्छ रहिये,स्वस्थ रहिये”
“भारत माता की जय|जय हिन्द|वन्दे मातरम्|”